Thursday

सपने बने हकीकत

सपने बने हकीकत

कोन कहते है सपने पूरे नहीं होते,
शिद्दत से चाह के तो देखो,
हर दुआ मुकम्मल होती है।

जो जिसका है उसे वो मिल ही जाता है,
खेल तो बस इंतजार का है साहेब,
की कोन कितना इम्तेहान दे सकता है।

फरेब के इस जहां में रिश्ते बड़े नाज़ुक है,
थोड़ा हम निभाए थोड़ा तुम निभाओ,
मिलके दोनों एक साथ हर रिश्ता आजमाए।

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मुसाफिर हो यारा

मुसाफिर हो यारा

ज़िन्दगी का क्या है साहेब,
ये तो चलती ही रहती है।
किसी के आने का इंतज़ार नहीं करती,
और नाही किसी के जाने का दुख ज़ाया करती है।

मुसाफ़िर तो हम है जनाब,
जो भटकते रहते है बस।
उस छन भर के इंतजार में,
जो उसे तेरी हसी देख कर ही मिलती है।

सोना पीतल चांदी ये तो सिर्फ मोह माया है,
असली सुकून तो तुझे देख कर ही आ जाता है।
खुश रहना तो बस एक बहाना है,
हमें तो सिर्फ तुझको खुश रखना है।

दोस्ती मिली प्यार भी मिला,
सब कुछ मिला पर यार ना मिला।
पर ये मोह माया है जनाब,
यहां अमीरी नहीं दोस्ती बिकती है सरेआम।

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तेरा मेरा रिश्ता

तेरा मेरा रिश्ता

मौसम के लिवास में तू आया तो सही,
दिखा के अपना प्यार लौट चला तू अपनी गली,
सुकून के दो पल मिले थे हमको,
क्या इतनी जल्दी जाना जरूरी था तुमको?

बरसों बाद मिले थे तुमसे,
बातें बहुत करनी थी तुमसे,
पर समय को कहां मंज़ूर था ये,
शायद तकदीर में भी लिखा था ये।

देखा देखी में समय बीत गया,
इतने पास हो कर भी दिल को तुम मंज़ूर ना हुए,
होठों पर सिल कर तेरा नशा,
हो गया हम खुद से खफा।

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Saturday

बातें तो नहीं

बातें तो नहीं
बातें हुई तो नहीं
और इजहार हुआ भी नहीं
वह पूछते रहे और हम हंसते रहे,
अब क्या करें कानों को जो सुना था,
वो आंखें देख रही थी,
पर दिल बयां करने पर रोक लगा रहा था।

क्या करें ए जनाब तुम हंसाते गए
और हम जी भर मुस्कुराते रहे
तुम हमें संभालते गए
और हमें गिरने का मजा ही आ गया

काश वह लम्हों को कैद किया जा सकता
या उस वक्त को थाम लिया जा सकता
उन्हें हमारे इतने राज़ मालूम थे
जो हमारे दिल में ही कहीं दफन थे

वह कहना चाहते थे बहुत कुछ
और हम समझ रहे थे सब कुछ
एक रिश्ता निभाने का वादा कर चले
सबसे दूर पर सब के पास जीने का वादा कर चलें

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दोस्तों की कहानी

दोस्तों की कहानी
दोस्तों के मिसालें देना तो ठीक है
उसी दोस्ती को निभा पाना काफी कठिन
कुछ लोग होते हैं फर्जी
क्योंकि यह होती है उनकी मर्जी

कुछ पागल होते हैं
कुछ बेमिसाल होते हैं
कुछ दिल की आवास होते हैं
कुछ तो दिल में ही बसते हैं

कुछ की गलियां अनजान होती है
और कुछ दिल की गलियों में रहते हैं
कुछ तो फिकर बेहद करते हैं
और कुछ आंख बंद कर विश्वास करते हैं

कुछ तो आप जैसे होते हैं
और वह कुछ तो हमारे
दिल की हर धड़कन में बसते हैं
कुछ इस तरह हमारे सांसों में वो रहते हैं

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Sunday

प्यार है पर कबूल नहीं

प्यार है पर कबूल नहीं

कहना तो था आसान नहीं
रहना तेरे बिन यह तो मेरा काम नहीं
दूर तुमसे हो कर भी यादों में हम बसते हैं
सोने के बाद ही सही सपनों में हम रहते हैं

प्यार का सिला कुछ इस कदर दिया
दूर तुम से जाकर भी प्यार सिर्फ तुमसे ही किया
लोगों को न समझ आए यह प्यार है ऐसा
हमने भी तो तराजू में खुद को ना तोला

प्यार ने सब को मात है दिया
जीत की खुशी अपने ही सर रखा
अगर मिल ही जाते तुम हमको
तो यह प्यार कैसे खास है बनता

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Friday

कुछ बदलते रिश्ते

कुछ बदलते रिश्ते

दोस्ती थी और प्यार भी
दोस्ती बेशुमार थी और
प्यार तो हद से ही पार थी
बस इतनी सी बात थी

इतना ही हुआ था कि
हमें तुमसे प्यार हो गया जाने अनजाने
इकरार ही सही हमने प्यार कर ही लिया तुमसे
प्यार से भरोसा और भरोसे से रिश्ता जोड़ा है हमने

 तुम्हें बेशुमार प्यार करने की कसम खाई है हमने
 वादा करके भूलने वाले तो बहुत देखे पर
 अब वादा निभाने का वक्त हमारा है
 तुम पास रहना हमेशा बस इतनी सी ख्वाहिश है

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Sunday

खूबसूरती

खूबसूरती

खूबसूरत सी इस ज़िंदगी में
खूबसूरत से कुछ लोग मिले
जिनकी खूबसूरती चेहरे से तो नहीं
पर खूबसूरती उनके जज्बातों में झलके

खूबसूरत तो खैर हम भी नहीं
पर खूबसूरती हमसे दूर भी तो नहीं
खूबसूरती का गहना बड़ा ही महंगा है
इसलिए इसको पा लेना हर किसी के बस में भी तो नहीं

शायद खूबसूरती सिर्फ जिस्म से ही नहीं झलकती
यह तो श्रृंगार है अपने अंतर्मन का
पर यही खूबसूरती के हाथों बिक चुका हैं
तभी तो खूबसूरती सबसे से रूठ गई है

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खूदगर्ज इनसान

खुदगर्ज इंसान

ना जाने क्यों खफ़ा सी हूँ तुमसे
शायद कुछ ज्या़दा ही गुस्सा हूँ तुमसे
पर तुमको इससे फर्क पड़ जाए
इतने आसान तो तुम थे ही नहीं कभी

तुमसे गुस्सा करने का बेहद मन करता है
तुमसे झगड़ने को बेहद मन तरसता है
क्या करें हम मगर ऐ जनाब
आपसे मिलने को ये दिल बड़ा करता है

आप कुछ ज्यादा ही व्यस्त हो ये आप कहते हो
पर आप कुछ ज्यादा ही मसरूफ़ हो ये हम कहते हैं
पता नहीं ये दोनो बातें एक सी है या नहीं
पर आप हमारी फिक्र बेहद करते हो

कैसे खूदगर्ज इनसान हो आप जनाब
परेशान आप होते हो और बेचैन हमे करवा देते हो
ताकी हमारा पूरा ध्यान आप पे चला जाए
और आप बैठे चाय की चुसकियाँ लेते रहो
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