Friday

दिलदार है तुम्हारे

दिलदार है तुम्हारे
कहीं तुम कुछ जी रहे, कहीं हम कुछ आज़मा रहे, लेकर मौसम का स्वाद, हम दोनों जिए जा रहे। एक दूसरे से दूर है, पर दिल के हर पल पास है, एक हमारा प्यार है, जो कुछ हमारे साथ है। तुम एहसास हो हवाओं में, तुम ख्वाब हो दिलों में, तुम हमराज़ हो हमारे, हम दिलदार है तुम्हारे। Skip. ...

Thursday

सपने बने हकीकत

सपने बने हकीकत
कोन कहते है सपने पूरे नहीं होते, शिद्दत से चाह के तो देखो, हर दुआ मुकम्मल होती है। जो जिसका है उसे वो मिल ही जाता है, खेल तो बस इंतजार का है साहेब, की कोन कितना इम्तेहान दे सकता है। फरेब के इस जहां में रिश्ते बड़े नाज़ुक है, थोड़ा हम निभाए थोड़ा तुम निभाओ, मिलके दोनों...

मुसाफिर हो यारा

मुसाफिर हो यारा
ज़िन्दगी का क्या है साहेब, ये तो चलती ही रहती है। किसी के आने का इंतज़ार नहीं करती, और नाही किसी के जाने का दुख ज़ाया करती है। मुसाफ़िर तो हम है जनाब, जो भटकते रहते है बस। उस छन भर के इंतजार में, जो उसे तेरी हसी देख कर ही मिलती है। सोना पीतल चांदी ये तो सिर्फ मोह...

तेरा मेरा रिश्ता

तेरा मेरा रिश्ता
मौसम के लिवास में तू आया तो सही, दिखा के अपना प्यार लौट चला तू अपनी गली, सुकून के दो पल मिले थे हमको, क्या इतनी जल्दी जाना जरूरी था तुमको? बरसों बाद मिले थे तुमसे, बातें बहुत करनी थी तुमसे, पर समय को कहां मंज़ूर था ये, शायद तकदीर में भी लिखा था ये। देखा देखी में समय...

Saturday

आपकी याद

आपकी याद
रात के अंधेरे में आपकी याद सावन की बरसातों में आपकी याद गली के भीड़ में आपकी याद अकेले रास्तों पर आपकी याद यह तो हर वक्त साथ रहती है पर साथ नहीं होता आपका यह तो जी गलत बात है क्योंकि हम तो हमेशा ही साथ हैं कुछ रिश्ते अधूरे ही सही पर प्यार खूब होता है उनमें दिल अगर...

बातें तो नहीं

बातें तो नहीं
बातें हुई तो नहीं और इजहार हुआ भी नहीं वह पूछते रहे और हम हंसते रहे, अब क्या करें कानों को जो सुना था, वो आंखें देख रही थी, पर दिल बयां करने पर रोक लगा रहा था। क्या करें ए जनाब तुम हंसाते गए और हम जी भर मुस्कुराते रहे तुम हमें संभालते गए और हमें गिरने का मजा ही आ गया काश...

कुछ अधूरे वादे

कुछ अधूरे वादे
वादे निभाने की अगर बात होती तो सायेद वो बात समझ भी आती पर गलती कहां हुई ये बात तो हमको पता ही नहीं चल पाई तुम इंज़ाम पर इंज़ाम लगाते गए और हम उनको सच मान सौदे पे सौदे लगाते गए कभी कतल अपने जसबतों का किया तो कभी खुद की ख्वाहिशों का गला घोंट डाला गलती तो बस इतनी सी थी...